सुप्रभात बालमित्रों!
13 जनवरी – प्रेरणा, ज्ञान और कहानी का सफ़र
आज 13 जनवरी है, और अभ्युदय वाणी की रेलगाड़ी एक बार फिर से आपको ले चलने के लिए तैयार है, आज के रोमांचक, ज्ञानवर्धक और नैतिक शिक्षा से भरपूर एक अद्भुत यात्रा में, जहाँ हम नए विचारों से प्रेरित होंगे, नई जानकारी हासिल करेंगे, और जीवन के मूल्यों को समझेंगे।
तो, आइए, इस सफर की शुरुआत करते हैं, आज के प्रेरणादायक सुविचार से:
"सत्य से प्यार करें और गलती को क्षमा कर दें।" "Love truth, and pardon mistake."
जब हम सत्य की महत्वता को समझते हैं और इसे अपने जीवन में अपनाते हैं, तो हम अपने और दूसरों के प्रति सच्चे रहते हैं। सत्य हमें नैतिकता, ईमानदारी और विश्वास को बनाए रखने में मदद करता है। गलती को क्षमा करना हमें सहनशीलता, दया और करुणा का महत्व सिखाता है। हर इंसान गलती कर सकता है, लेकिन उन्हें क्षमा करने से हम अपने दिल को हल्का और मन को शांत रखते हैं। क्षमा करने से हमारे रिश्तों में भी प्रेम और सौहार्द बना रहता है।
इस कथन से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें सत्य का पालन करना चाहिए और दूसरों की गलतियों को क्षमा करना चाहिए। इससे हमारा जीवन सरल, सच्चा और खुशहाल बनता है।
आगे बढ़ते हैं इस सफर में, और जानते हैं आज का अंग्रेजी शब्द: MARGIN : मार्जिन: हाशिया या अंतर।
हाशिया का मतलब है पृष्ठ के किनारे की खाली जगह। यह किसी दस्तावेज़, किताब, या पत्र में होता है। इसके दुसरे अर्थ अंतर का मतलब है लाभ और लागत के बीच का अंतर। यह व्यवसाय और वित्त में बहुत उपयोग होता है।
आगे बढ़ते हैं इस सफर में, और आनंद लेते हैं आज की पहेली का :
उत्तर:- किसी का भरोसा या विश्वास।
अब अगला स्टेशन है आज का इतिहास: इतिहास हमें अतीत से सीखने और वर्तमान को बेहतर बनाने का मौका देता है। आइए इतिहास के पन्नों में आज 13 जनवरी की कुछ प्रमुख घटनाओं पर नज़र डालें।
- 1849: द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध के दौरान चिलियांवाला की प्रसिद्ध लड़ाई शुरू हुई, जो ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और सिख साम्राज्य के बीच एक रक्तिम और अनिर्णायक संघर्ष साबित हुई।
- 1910: न्यूयॉर्क शहर में दुनिया का पहला सार्वजनिक रेडियो प्रसारण प्रारम्भ हुआ, जब मेट्रोपॉलिटन ओपेरा हाउस से ली डी फॉरेस्ट द्वारा 'कावालेरिया रस्टिकाना' और 'पग्लियाची' के प्रदर्शन का वायरलेस प्रसारण किया गया।
- 1938: देश के प्रसिद्ध संतूर वादक पंडित शिवकुमार शर्मा का जन्म जम्मू में हुआ, जिन्होंने संतूर को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का प्रमुख सोलो वाद्ययंत्र बनाया।
- 1948: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हिन्दू-मुस्लिम एकता बनाये रखने के लिये दिल्ली में आमरण अनशन शुरू किया, जो 18 जनवरी को समाप्त हुआ।
- 1949: अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय विंग कमांडर राकेश शर्मा का जन्म पटियाला, पंजाब में हुआ।
अब हम जानेंगे आज के प्रेरक व्यक्तित्व 'विंग कमांडर राकेश शर्मा’ के बारे में।
विंग कमांडर राकेश शर्मा भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री थे। उनका जन्म 13 जनवरी 1949 को पटियाला, पंजाब में हुआ था। उन्होंने सेंट जॉर्ज ग्रामर स्कूल, हैदराबाद और निज़ाम कॉलेज, हैदराबाद से पढ़ाई की। जुलाई 1966 में राकेश ने वायु सेना के प्लीब के तौर पर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश लिया और 1970 में भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया।
1971 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने मिग-21 उड़ाया और 21 लड़ाकू मिशन पूरे किए। 3 अप्रैल 1984 को, राकेश शर्मा सोयुज़ टी-11 अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष में गए, जिससे वे अंतरिक्ष में यात्रा करने वाले पहले भारतीय और दुनिया के 138वें अंतरिक्ष यात्री बने। उन्होंने अंतरिक्ष में आठ दिन बिताए। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राकेश शर्मा से पूछा कि ऊपर से अन्तरिक्ष से भारत कैसा दिखता है। राकेश शर्मा ने उत्तर दिया "सारे जहाँ से अच्छा"।
अंतरिक्ष से लौटने के बाद, उन्हें सोवियत संघ ने 'हीरो ऑफ़ सोवियत यूनियन' से सम्मानित किया। भारत सरकार ने उन्हें और उनके दो साथियों को शांति काल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार, 'अशोक चक्र' प्रदान किया। उनका योगदान भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम और वायु सेना के लिए अविस्मरणीय है।
आज के दैनिक विशेष में हम जानेंगे 11 जनवरी- 17 जनवरी तक मनाये जाने वाले “राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह” के बारे में:
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह हर साल 11 से 17 जनवरी के बीच मनाया जाता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इसका आयोजन करता है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना है।
इस सप्ताह के दौरान, सड़क सुरक्षा से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें पोस्टर, बैनर, लघु फ़िल्में, और पत्रक वितरण जैसे तरीके अपनाए जाते हैं। साथ ही, स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान, लोगों को यातायात नियमों के बारे में जानकारी दी जाती है और यह बताया जाता है कि वाहन चलाते समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं। इस दौरान, युवाओं, बुज़ुर्गों, और बच्चों को हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
सड़क सुरक्षा के लिए कुछ ज़रूरी बातें:
• वाहन चलाते समय हमेशा सीट बेल्ट पहनें।
• दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें।
• ट्रैफ़िक सिग्नल और बोर्ड साइन का पालन करें।
अभ्युदयवाणी के अंतिम पड़ाव पर अब सुनते हैं आज की प्रेरणादायक बाल कहानी, जिसका शीर्षक है: समय व्यर्थ न करें
समय व्यर्थ न करें
किसी सार्वजनिक संस्था के दो सदस्य चर्चा के लिए गांधीजी के पास वर्धा पहुँचे। बातचीत में गांधीजी को लगा कि छोटे से काम के लिए दो व्यक्तियों का उनके पास आना उचित नहीं है। गांधीजी से रहा न गया और उन्होंने दोनों से कहा, 'आप दोनों को तीन दिन रहने की जरूरत नहीं है। कोई एक व्यक्ति वापस लौट जाए।' दोनों आगंतुक एक-दूसरे की शक्ल देखते रह गए।
गांधीजी ने उन्हें समझाते हुए कहा, 'समय का अपव्यय करना सर्वथा अनुचित है। जिस समय एक व्यक्ति यहाँ काम कर रहा होगा, दूसरा व्यक्ति वापस जाकर वहाँ और कोई काम कर सकता है।' समय के इस महत्व को जानने के बाद वे लोग अपनी गलती समझ गए और उनमें से एक व्यक्ति फौरन वापस चला गया।
यह छोटा सा वृत्तान्त हमें बताता है कि यदि आप जीवन से प्रेम करते हैं, तो समय को व्यर्थ न गवाएं, क्योंकि जीवन समय से बनता है और वह भी हर क्षण से। क्षण-क्षण से बनता है जीवन, जैसे जल-बूंदी से सागर। जो लोग दुनिया में आगे बढ़े हैं, उन्होंने फुर्सत के समय को भी कभी व्यर्थ नहीं जाने दिया है।
आज की अभ्युदय वाणी کا सफ़र बस यहीं तक था, कल सुबह फिर मिलेंगे एक नई ऊर्जा के साथ रोमांचक, ज्ञानवर्धक और नैतिक शिक्षा से भरपूर एक रोचक सफ़र में। आपका दिन शुभ हो!






