21 March AbhyudayVani अभ्युदयवाणी 🎙️📢









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आज की अभ्युदय वाणी


सुप्रभात बालमित्रों!

21 मार्च – प्रेरणादायक ज्ञान यात्रा

सुप्रभात बालमित्रों!
आज 21 मार्च है, और अभ्युदय वाणी की रेलगाड़ी एक बार फिर से आपको ले चलने के लिए तैयार है, आज के रोमांचक, ज्ञानवर्धक और नैतिक शिक्षा से भरपूर एक अद्भुत यात्रा में, जहाँ हम नए विचारों से प्रेरित होंगे, नई जानकारी हासिल करेंगे, और जीवन के मूल्यों को समझेंगे।

✨ आज का प्रेरणादायक सुविचार

तो, आइए, इस सफर की शुरुआत करते हैं, आज के प्रेरणादायक सुविचार से: 'हम लक्ष्य तक पहुंचने के लिए लक्ष्य से ऊपर निशाना लगाते हैं 'We aim above the mark to hit the mark."

We aim above the mark to hit the mark.

इस कथन का अर्थ है कि यदि हम अपने लक्ष्य से भी ऊँचा लक्ष्य रखते हैं, तो हम खुद को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित कर पाते हैं और इस तरह हम अपने वास्तविक लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए सफलता पाने के लिए हमें अपनी क्षमताओं और संभावनाओं से थोड़ा आगे बढ़कर सोचना चाहिए और अपनी क्षमताओं से अधिक प्रयास करना चाहिए।

📘 आज का अंग्रेजी शब्द

अभ्युदयवाणी में अब जानते हैं आज का अंग्रेजी शब्द जो है: ONSET: ONSET (ऑनसेट) का अर्थ है शुरुआत। यह शब्द किसी घटना, प्रक्रिया, या स्थिति के आरंभ को दर्शाता है।

उदाहरण वाक्य The onset of monsoon is expected this week. इस सप्ताह मानसून की शुरुआत होने की उम्मीद है।

🧩 आज की पहेली

आगे बढ़ते हैं इस सफर में, और आनंद लेते हैं आज की पहेली का :

पैर नहीं है, पर चलती रहती, दोनों हाथों से अपना मुँह पोंछती रहती ।

जवाबः घड़ी
📜 आज का इतिहास

अब अगला स्टेशन है आज का इतिहास: इतिहास हमें अतीत से सीखने और वर्तमान को बेहतर बनाने का मौका देता है। आइए इतिहास के पन्नों में आज 21 मार्च की कुछ प्रमुख घटनाओं पर नज़र डालें।

  • • 1836: कोलकाता में पहले सार्वजनिक पुस्तकालय की शुरुआत हुई। आज इसे नेशनल लाइब्रेरी के नाम से जाना जाता है। यह भारत की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित लाइब्रेरी है।
  • • 1916: भारत के प्रख्यात शहनाई वादक और भारत रत्न से सम्मानित उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ का जन्म डुमराँव, बिहार में हुआ।
  • • 21 मार्च को या उसके आसपास, उत्तरी गोलार्ध में वसंत विषुव होता है। यह वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है, जब दिन और रात लगभग बराबर होते हैं।
  • • 1954: पहला फिल्मफेयर पुरस्कार समारोह मुंबई के मेट्रो थिएटर में आयोजित किया गया। इस समारोह में 1953 के हिंदी सिनेमा में सर्वश्रेष्ठ योगदान को सम्मानित किया गया।
  • • 1999: यूनेस्को ने 21 मार्च को विश्व कविता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। यह दिवस कविता के महत्व को उजागर करने और कवियों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।
  • • 2013: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 मार्च को वनों के महत्व और उनके संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के रूप में घोषित किया।
🌟 आज के प्रेरक व्यक्तित्व – उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ

अभ्युदय वाणी की अगली कड़ी प्रेरक व्यक्तित्व में आज हम जानेंगे “उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ” के बारे में। उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ भारत के प्रसिद्ध शहनाई वादक थे। उनका जन्म 21 मार्च 1916 को डुमराँव, बिहार में हुआ था। उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ ने शहनाई को एक लोकप्रिय वाद्य यंत्र बनाया और इसे शास्त्रीय संगीत में महत्वपूर्ण स्थान दिलाकर भारतीय शास्त्रीय संगीत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई।

उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में "कजरी", "चैती", और "ठुमरी" शामिल हैं। उन्होंने 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी के पहले दिन लाल किले पर शहनाई बजाकर इतिहास रचा। उन्हें 2001 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ अपनी सादगी और विनम्रता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने संगीत को ही अपना जीवन बना लिया और इसके प्रति पूर्ण समर्पण दिखाया।

उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ का निधन 21 अगस्त 2006 को हुआ। उनकी संगीत विरासत आज भी लोगों को प्रेरित करती है।

🎉 आज का दैनिक विशेष – अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस

अभ्युदय वाणी के दैनिक विशेष में अब हम जानेंगे 21 मार्च को मनाये जाने वाले “अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस” के बारे में:

अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस हर साल 21 मार्च को मनाया जाता है। इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2012 में की गई थी। इस दिवस का उद्देश्य वनों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उनके संरक्षण के लिए प्रयास करना है। वन जलवायु परिवर्तन को रोकने, जैव विविधता को बनाए रखने, और पारिस्थितिक संतुलन को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह दिवस लोगों को वनों के महत्व और उनके संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जागरूक करता है। इस दिन वृक्षारोपण कार्यक्रम, जागरूकता कार्यक्रम, और सरकारी पहल आयोजित की जाती हैं। अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस हमें यह याद दिलाता है कि वन हमारे पर्यावरण और जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हमें वनों के संरक्षण और सतत उपयोग के लिए प्रयास करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।

📖 आज की प्रेरणादायक बाल कहानी – "लक्ष्मण को मिला ज्ञान"

अभ्युदय वाणी के अंतिम पड़ाव पर अब सुनते हैं आज की प्रेरणादायक बाल कहानी, जिसका शीर्षक है: "लक्ष्मण को मिला ज्ञान"

रामायण के अंतिम युद्ध के बाद, जब रावण युद्ध भूमि पर मरणशैया पर पड़ा था, तब भगवान राम ने लक्ष्मण को रावण से राजनीति और शक्ति का ज्ञान प्राप्त करने के लिए कहा। रावण, जो एक महापंडित और वेदों का ज्ञाता था, ने लक्ष्मण को कुछ अमूल्य जीवन सूत्र दिए।

रावण ने लक्ष्मण को सलाह दी कि अच्छे कार्यों को कभी टालना नहीं चाहिए, क्योंकि शुभ कार्यों को तुरंत करने से सफलता मिलती है। उसने यह भी कहा कि यदि अशुभ कार्य करना ही पड़े, तो उसे जितना संभव हो, टालने का प्रयास करना चाहिए।

रावण ने अपने अहंकार की गलती को स्वीकार करते हुए कहा कि उसने अपने शक्ति और पराक्रम के मद में आकर शत्रुओं को तुच्छ समझा। उसे ब्रह्मा जी से वरदान मिला था कि वानर और मनुष्य के अलावा कोई उसे मार नहीं सकता, लेकिन उसने इन्हें कमजोर समझकर उनकी उपेक्षा की। इस अहंकार के कारण उसका विनाश हुआ।

अंत में, रावण ने लक्ष्मण को यह सलाह दी कि अपने जीवन के गूढ़ रहस्यों को किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए, यहाँ तक कि अपने स्वजनों को भी नहीं। उसने उदाहरण देते हुए कहा कि विभीषण, जो पहले उसका हितैषी था, श्री राम की शरण में जाने के बाद उसके विनाश का कारण बना।

यह कहानी हमें सिखाती है कि अहंकार और गलत निर्णयों से बचकर, सही समय पर सही कार्य करने से ही सफलता मिलती है। रावण की गलतियों से सीख लेकर हम अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

🚂 आज की अभ्युदय वाणी का समापन

आज की अभ्युदय वाणी का सफ़र बस यहीं तक था, कल सुबह फिर मिलेंगे एक नई ऊर्जा के साथ रोमांचक, ज्ञानवर्धक और नैतिक शिक्षा से भरपूर एक रोचक सफ़र में। आपका दिन शुभ हो!

निर्माता : प्रेम वर्मा, PS बैजनाथपुर जमुनहा

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