20 February AbhyudayVani अभ्युदयवाणी 🎙️📢









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आज की अभ्युदय वाणी


सुप्रभात बालमित्रों!

20 फ़रवरी – प्रेरणादायक ज्ञान यात्रा

सुप्रभात बालमित्रों!
आज 20 फ़रवरी है, और अभ्युदय वाणी की रेलगाड़ी एक बार फिर से आपको ले चलने के लिए तैयार है, आपके हमसफ़र प्रेम वर्मा के साथ, आज की रोमांचक, ज्ञानवर्धक और नैतिक शिक्षा से भरपूर एक अद्भुत यात्रा में, जहाँ हम नए विचारों से प्रेरित होंगे, नई जानकारी हासिल करेंगे, और जीवन के मूल्यों को समझेंगे।

✨ आज का प्रेरणादायक सुविचार

तो, आइए, इस सफर की शुरुआत करते हैं, आज के प्रेरणादायक सुविचार से:

"समझदार व्यक्ति अपनी स्वयं की दिशा का अनुपालन करते हैं।"
"The wisest men follow their own direction."

यह कथन हमें बताता है कि हमें अपने जीवन के लिए खुद जिम्मेदार होना चाहिए और अपने लक्ष्यों और सपनों को प्राप्त करने के लिए अपने स्वयं के मार्ग का अनुसरण करना चाहिए, भले ही वह दूसरों से अलग हो। समझदार व्यक्ति अपने अंतर्ज्ञान पर भरोसा करते हैं और अपने मूल्यों और विश्वासों के अनुसार कार्य करते हैं।

इसका मतलब है कि हमें दूसरों की केवल नकल नहीं करनी, बल्कि सोच–समझकर अपना रास्ता चुनना है। जब हम अपनी दिशा स्वयं तय करते हैं तो हम सच में अपने जीवन के नेता बनते हैं और अपने निर्णयों की जिम्मेदारी भी खुशी से लेते हैं।

📘 आज का अंग्रेजी शब्द

अभ्युदयवाणी में अब जानते हैं आज का अंग्रेजी शब्द, जो है: QUALIFY : क्वालीफाई

QUALIFY का अर्थ होता है “योग्यता व अर्हता प्राप्त करना”

उदाहरण:
हिंदी: मैंने परीक्षा को क्वालीफाई करने के लिए बहुत मेहनत की।
English: I worked very hard to qualify for the exam.

🧩 आज की पहेली
सात् दिनों में आता हूं, छुट्टी संग में लाता हूं।
बच्चे हो या दफ्तर वाले, सबको मौज कराता हूं।

उत्तर – रविवार
📜 आज का इतिहास

अब अगला स्टेशन है आज का इतिहास: इतिहास हमें अतीत से सीखने और वर्तमान को बेहतर बनाने का मौका देता है। आइए इतिहास के पन्नों में आज 20 फ़रवरी की कुछ प्रमुख घटनाओं पर नज़र डालें।

  • 1950: आज ही के दिन देश के स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बड़े भाई और राष्ट्रवादी नेता शरत चंद्र बोस का निधन हुआ।
  • 1968: मुंबई के KEM अस्पताल में डॉ. पी.के. सेन ने पहली बार हृदय प्रत्यारोपण किया। यह उन मरीजों पर किया जाता है जो हृदय विफलता की अंतिम अवस्था में हों या गंभीर कोरोनरी धमनी रोग से पीड़ित हों।
  • 1962: जॉन एच. ग्लेन जूनियर पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले पहले अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बने। उन्होंने “फ्रेंडशिप 7” नामक अंतरिक्ष कैप्सूल में पृथ्वी की परिक्रमा की।
  • 1935: डेनमार्क की कैरोलीन मिकेलसन अंटार्कटिका में कदम रखने वाली पहली महिला बनीं।
  • 1987: मिज़ोरम और अरुणाचल प्रदेश भारत के 23वें और 24वें राज्य बने।
🌟 आज के प्रेरक व्यक्तित्व – शरत चंद्र बोस

अभ्युदय वाणी की अगली कड़ी प्रेरक व्यक्तित्व में आज हम जानेंगे “शरत चंद्र बोस” के बारे में।

शरत चंद्र बोस एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, वकील और राजनीतिज्ञ थे। वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बड़े भाई थे। उनका जन्म 6 सितंबर, 1889 को कोलकाता में एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उनके पिता जानकीनाथ बोस एक प्रसिद्ध वकील थे।

शरत चंद्र बोस ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कोलकाता में प्राप्त की और बाद में इंग्लैंड के लिंकन कॉलेज से कानून की पढ़ाई की। 1919 में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए और असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा।

वे एक कुशल वक्ता और लेखक थे। उन्होंने कई लेख और पुस्तकें लिखीं, जिनमें “स्वराज” और “भारत की एकता” प्रमुख हैं। वे एक सच्चे देशभक्त थे और उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। शरत चंद्र बोस का निधन 20 फरवरी, 1950 को हुआ। उन्हें हमेशा एक महान स्वतंत्रता सेनानी और देशभक्त के रूप में याद किया जाएगा।

⚖️ आज का दैनिक विशेष – विश्व सामाजिक न्याय दिवस

अभ्युदय वाणी दैनिक विशेष में अब हम जानेंगे 20 फ़रवरी को मनाये जाने वाले “विश्व सामाजिक न्याय दिवस” के बारे में।

विश्व सामाजिक न्याय दिवस की स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 26 नवंबर, 2007 को की गई थी और इसे पहली बार 20 फरवरी, 2009 को मनाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना है, ताकि लोगों के बीच असमानताओं को कम किया जा सके।

यह दिन सामाजिक अन्याय, गरीबी, बेरोजगारी और असमानता जैसे मुद्दों पर प्रकाश डालता है। समाज में सामाजिक न्याय की आवश्यकता को महसूस करते हुए, इस दिन को मनाने का निर्णय लिया गया, ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके। यह दिन हमें सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करता है।

📖 आज की प्रेरणादायक बाल कहानी – नादान बकरियां

अभ्युदय वाणी के अंतिम पड़ाव पर अब सुनते हैं आज की प्रेरणादायक बाल कहानी, जिसका शीर्षक है: “नादान बकरियां”

मिंकी और चिंकी नाम की दो बकरियाँ थीं। वे दोनों एक–दूसरे को ज़रा भी पसंद नहीं करती थीं और जब भी मिलतीं, उनमें टकराव ज़रूर होता।

एक दिन मिंकी एक संकरे पुल से कहीं जा रही थी, तभी उसे सामने से चिंकी आती हुई दिखाई दी। चिंकी को देखकर मिंकी अकड़कर चलने लगी और चिंकी भी मिंकी को देखकर अकड़ में चलने लगी।

जब दोनों एक–दूसरे के सामने पहुँचीं, तो मिंकी बोली, “चिंकी, मेरा रास्ता छोड़। पहले मुझे निकल जाने दे, मुझे बहुत दूर जाना है।” चिंकी ने घमंड में भरकर जवाब दिया, “मैं क्यों हटूं? हटना तो तुझे पड़ेगा। तू नीचे बैठ जा, मैं तेरे ऊपर चढ़कर चली जाऊँगी, फिर तू भी चली जाना।”

मिंकी ने रोब दिखाते हुए कहा, “बड़ी आई मुझे झुकाने वाली। मैं नहीं, बल्कि तू नीचे बैठेगी। मुझसे मत उलझ, चुपचाप निकल जाने दे मुझे। हम दोनों एक साथ पुल पार नहीं कर सकतीं, इसलिए नीचे बैठ जा।” चिंकी ने भी अड़कर कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं।”

फिर चिंकी तेजी से मिंकी की तरफ बढ़ी। यह देखकर मिंकी भी तेजी से आगे बढ़ी और दोनों एक–दूसरे से भिड़ गईं। इसका परिणाम यह हुआ कि दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे पुल से नीचे नदी में गिर गईं।

सीख: यह कहानी हमें सिखाती है कि अहंकार और जिद में आकर हमें कभी भी सही रास्ता नहीं मिलता। सामंजस्य और सहनशीलता से ही हम समस्याओं का समाधान निकाल सकते हैं। हमें हमेशा शांत रहकर सोच–समझकर निर्णय लेना चाहिए, क्योंकि गुस्से में लिए गए फैसले अक्सर गलत साबित होते हैं।

🚂 आज की अभ्युदय वाणी का समापन

आज की अभ्युदय वाणी का सफ़र बस यहीं तक था, कल सुबह फिर मिलेंगे एक नई ऊर्जा के साथ रोमांचक, ज्ञानवर्धक और नैतिक शिक्षा से भरपूर एक रोचक सफ़र में। आपका दिन शुभ हो!

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