19 March AbhyudayVani अभ्युदयवाणी 🎙️📢









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आज की अभ्युदय वाणी


सुप्रभात बालमित्रों!

19 मार्च – प्रेरणादायक ज्ञान यात्रा

सुप्रभात बालमित्रों!
आज 19 मार्च है, और अभ्युदय वाणी की रेलगाड़ी एक बार फिर से आपको ले चलने के लिए तैयार है, आज के रोमांचक, ज्ञानवर्धक और नैतिक शिक्षा से भरपूर एक अद्भुत यात्रा में, जहाँ हम नए विचारों से प्रेरित होंगे, नई जानकारी हासिल करेंगे, और जीवन के मूल्यों को समझेंगे।

✨ आज का प्रेरणादायक सुविचार

तो, आइए, इस सफर की शुरुआत करते हैं, आज के प्रेरणादायक सुविचार से:

"श्रेष्ठ व्यक्ति बोलने में संयमी होता है लेकिन अपने कार्यों में अग्रणी होता है।"
"The superior man is modest in speech, but exceeds in his actions."

इस कथन का अर्थ है कि एक श्रेष्ठ व्यक्ति अपने शब्दों में विनम्र और सरल होता है, लेकिन अपने कार्यों में वह उत्कृष्ट और प्रभावशाली होता है। वह बड़े-बड़े वादे करने के बजाय अपने कर्मों से अपनी योग्यता साबित करता है। यह कथन हमें यह सीख देता है कि असली महानता दिखावे या बोलने में नहीं, बल्कि कर्म और परिणामों में होती है। हमें भी अपने शब्दों में विनम्र और कार्यों में उत्कृष्ट बनना चाहिए।

📘 आज का अंग्रेजी शब्द

अभ्युदयवाणी में अब जानते हैं आज का अंग्रेजी शब्द जो है: TASK टास्क का अर्थ होता है काम देना या कार्य। TASK शब्द किसी विशेष उद्देश्य के लिए सौंपे गए कार्य या जिम्मेदारी को दर्शाता है।

उदाहरण: He completed his task on time. उसने अपना कार्य समय पर पूरा कर लिया।

🧩 आज की पहेली
क्रोध से सब को दुःख देते हैं, प्यार से सब को सुख देते हैं, सच भी हम हैं, झूठ भी हम हैं, बताओ तो हम क्या हैं?

जवाब – शब्द
📜 आज का इतिहास

 अब अगला स्टेशन है आज का इतिहास: इतिहास हमें अतीत से सीखने और वर्तमान को बेहतर बनाने का मौका देता है। आइए इतिहास के पन्नों में आज 19 मार्च की कुछ प्रमुख घटनाओं पर नज़र डालें।

  • • 1909: भारत के स्वतंत्रता संग्राम के शारीरिक रूप से विकलांग शहीद क्रांतिवीर चारुचंद्र बोस ने अलीपुर केंद्रीय कारागार में फांसी स्वीकार की।
  • • 1932: दुनिया के सबसे ऊंचे स्टील आर्च ब्रिज, सिडनी हार्बर ब्रिज, को जनता के यातायात के लिए खोला गया। यह ब्रिज सिडनी और उसके उपनगरों के बीच एक महत्वपूर्ण परिवहन लिंक है।
  • • 1944: आजाद हिंद फौज ने पूर्वोत्तर भारत में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
  • • 1953: पहली बार आस्कर अवार्ड (अकेडमी अवार्ड) का प्रसारण टेलीविजन पर हुआ।
  • • 1972: भारत और बांग्लादेश के बीच मैत्री, सहयोग और शांति संधि पर हस्ताक्षर हुए।
  • • 1982: देशभक्त, बुद्धिजीवी और किसान मजदूर दल के संस्थापक आचार्य जेबी कृपलानी का निधन हुआ।
  • • 2008: ऐतिहासिक गामा-रे बर्स्ट जीआरबी 080319बी की खोज की गई — अब तक का सबसे चमकीला और सबसे दूर का गामा-रे बर्स्ट।
🌟 आज के प्रेरक व्यक्तित्व – आचार्य जेबी कृपलानी

 अभ्युदय वाणी की अगली कड़ी प्रेरक व्यक्तित्व में आज हम जानेंगे “आचार्य जेबी कृपलानी” के बारे में। आचार्य जेबी कृपलानी भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद् और राजनीतिज्ञ थे। उनका पूरा नाम जीवतराम भगवानदास कृपलानी था और उनका जन्म 11 नवंबर 1888 को हैदराबाद, सिंध (अब पाकिस्तान) में हुआ था।

वे महात्मा गांधी के करीबी सहयोगी थे और असहयोग आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। 1947 में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे।

आजादी के बाद, उन्होंने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना की और संसद सदस्य के रूप में देश की सेवा की। उनकी पत्नी सुचेता कृपलानी भी एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और उत्तर प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं।

कृपलानी ने 1977 में जनता सरकार के गठन में अहम भूमिका निभायी। उनकी अध्यक्षता में मौलिक अधिकारों की पुनः जांच-परख के लिए एक उपसमिति का गठन किया गया था। कृपलानी गांधीवादी दर्शन के एक प्रमुख व्याख्याता थे और उन्होंने इस विषय पर अनेक पुस्तकें लिखीं जिनमें "गांधी: हिज लाइफ एंड थॉट" प्रमुख है। उनका निधन 19 मार्च 1982 को हुआ।

🎉 आज का दैनिक विशेष – अंतर्राष्ट्रीय रीड टू मी दिवस

 अभ्युदय वाणी के दैनिक विशेष में अब हम जानेंगे 19 मार्च को मनाये जाने वाले “अंतर्राष्ट्रीय रीड टू मी दिवस” के बारे में:

अंतर्राष्ट्रीय रीड टू मी दिवस हर साल 19 मार्च को मनाया जाता है। यह दिवस बच्चों को पढ़ने और सुनने के महत्व को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की शुरुआत 2004 में चाइल्डफंड न्यूजीलैंड नामक संगठन द्वारा की गई थी।

बच्चों को पढ़कर सुनाने से न केवल उनकी शब्दावली और भाषा कौशल में सुधार होता है, बल्कि उनकी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता भी बढ़ती है। इसके अलावा, यह गतिविधि माता-पिता और बच्चों के बीच रिश्ते को मजबूत करती है। इस दिन स्कूलों और समुदायों में पढ़ने और सुनाने की गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जो बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने में मदद करती हैं। यह दिवस बच्चों में पढ़ने की आदत और शिक्षा के प्रति रुचि जगाने का एक अच्छा अवसर प्रदान करता है।

📖 आज की प्रेरणादायक बाल कहानी – "मेहनत का फल"

अभ्युदय वाणी के अंतिम पड़ाव पर अब सुनते हैं आज की प्रेरणादायक बाल कहानी, जिसका शीर्षक है: "मेहनत का फल"

एक छोटे से गाँव में रहने वाला एक लड़का, राहुल, बहुत ही गरीब परिवार से था। उसके पिता एक छोटे से खेत में मजदूरी करते थे, और माँ घर का काम संभालती थी। राहुल पढ़ाई में बहुत होशियार था, लेकिन गरीबी के कारण उसके लिए अच्छे स्कूल में पढ़ना मुश्किल था। फिर भी, वह हर रोज सुबह जल्दी उठकर पढ़ता और शाम को खेतों में मजदूरी करके अपने परिवार की मदद करता।

एक दिन, गाँव में एक नए शिक्षक आये। वह राहुल की मेहनत और लगन से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने राहुल को अपने साथ पढ़ाने का फैसला किया और उसे निशुल्क कोचिंग देना शुरू किया। राहुल ने इस अवसर का पूरा फायदा उठाया और और भी मेहनत करने लगा।

कुछ साल बाद, राहुल ने दसवीं कक्षा में पूरे जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के बाद, उसे एक बड़े शहर के स्कूल में छात्रवृत्ति मिल गई। राहुल ने वहाँ भी मेहनत जारी रखी और बारहवीं कक्षा में भी टॉप किया।

आगे की पढ़ाई के लिए, राहुल को एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला मिल गया। उसने अपनी पढ़ाई पूरी की और एक सफल इंजीनियर बन गया। जब वह गाँव लौटा, तो उसने अपने गाँव में एक स्कूल बनवाया, ताकि अन्य बच्चों को भी अच्छी शिक्षा मिल सके।

यह कहानी हमें प्रेरित करती है कि चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, मेहनत और लगन से हम अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। सफल होने के बाद राहुल ने अपने गाँव के बच्चों की मदद की, जो हमें यह सिखाता है कि सफलता का असली मतलब दूसरों की मदद करना है।

🚂 आज की अभ्युदय वाणी का समापन

आज की अभ्युदय वाणी का सफ़र बस यहीं तक था, कल सुबह फिर मिलेंगे एक नई ऊर्जा के साथ रोमांचक, ज्ञानवर्धक और नैतिक शिक्षा से भरपूर एक रोचक सफ़र में। आपका दिन शुभ हो!

निर्माता : प्रेम वर्मा, PS बैजनाथपुर जमुनहा

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