अध्याय 2.6 : भाषा अर्जन एवं अधिगम के प्रमुख
सिद्धांत
(Major Theories of Language
Acquisition & Learning)
📖 भूमिका
भाषा अर्जन एवं भाषा अधिगम को समझने
के लिए यह जानना आवश्यक है कि बच्चे भाषा कैसे सीखते हैं। क्या भाषा केवल अनुकरण
से सीखी जाती है? क्या भाषा सीखने की
क्षमता जन्मजात होती है? क्या सामाजिक वातावरण भाषा विकास
में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है? ऐसे अनेक प्रश्नों के
उत्तर खोजने के लिए विभिन्न मनोवैज्ञानिकों एवं भाषाविदों ने अलग-अलग सिद्धांत
प्रस्तुत किए।
CTET, UPTET, SUPER TET, KVS, DSSSB,
REET तथा अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में भाषा अर्जन एवं अधिगम के
सिद्धांतों से संबंधित प्रश्न अत्यधिक पूछे जाते हैं। विशेष रूप से स्किनर,
चॉम्स्की, पियाजे, वाइगोत्स्की,
ब्रूनर और क्रैशन से संबंधित प्रश्न लगभग प्रत्येक परीक्षा में
देखने को मिलते हैं।
🧠 मुख्य अवधारणा
भाषा अर्जन एवं अधिगम के सिद्धांत वे
वैचारिक दृष्टिकोण हैं जो यह समझाने का प्रयास करते हैं कि बच्चे भाषा कैसे सीखते
हैं और भाषा विकास किन कारकों से प्रभावित होता है।
📚 विस्तृत अध्ययन
1. व्यवहारवादी
सिद्धांत (Behaviorist Theory)
प्रतिपादक
B. F. Skinner
मुख्य
विचार
स्किनर के अनुसार भाषा सीखना अन्य
व्यवहारों की तरह ही एक सीखी हुई प्रक्रिया है।
बच्चा—
- अनुकरण (Imitation)
- अभ्यास (Practice)
- पुनर्बलन (Reinforcement)
के माध्यम से भाषा सीखता है।
उदाहरण
बच्चा "माँ" बोलता है।
माता उसकी प्रशंसा करती है।
बच्चा पुनः वही शब्द बोलता है।
यह पुनर्बलन (Reinforcement) कहलाता है।
प्रमुख
अवधारणाएँ
- अनुकरण (Imitation)
- पुनर्बलन (Reinforcement)
- अभ्यास (Practice)
सीमाएँ
- बच्चे ऐसे वाक्य भी बोलते हैं जो उन्होंने पहले कभी नहीं
सुने होते।
- भाषा की सृजनात्मकता की व्याख्या नहीं कर पाता।
2. जन्मजातवादी
सिद्धांत (Nativist Theory)
प्रतिपादक
Noam Chomsky
मुख्य
विचार
चॉम्स्की के अनुसार भाषा सीखने की
क्षमता जन्मजात होती है।
प्रत्येक बालक के मस्तिष्क में एक
विशेष भाषा तंत्र मौजूद होता है जिसे—
LAD (Language Acquisition Device)
कहा जाता है।
यह बच्चों को भाषा के नियम समझने में
सहायता करता है।
प्रमुख
अवधारणाएँ
- LAD (Language Acquisition Device)
- Universal Grammar
- जन्मजात भाषिक क्षमता
उदाहरण
बच्चे बिना औपचारिक व्याकरण शिक्षा के
जटिल वाक्य बोलना सीख जाते हैं।
सीमाएँ
- सामाजिक वातावरण की भूमिका को पर्याप्त महत्व नहीं देता।
3. संज्ञानात्मक
सिद्धांत (Cognitive Theory)
प्रतिपादक
Jean Piaget
मुख्य
विचार
पियाजे के अनुसार—
भाषा विकास संज्ञानात्मक विकास का
परिणाम है।
बच्चा पहले सोचने और समझने की क्षमता
विकसित करता है, उसके बाद भाषा विकसित
होती है।
प्रमुख
अवधारणाएँ
- संज्ञानात्मक विकास
- मानसिक संरचनाएँ
- अनुभव आधारित अधिगम
उदाहरण
जब बच्चा "वस्तु स्थायित्व"
(Object Permanence) समझता
है, तब उसकी भाषा भी अधिक विकसित होती है।
सीमाएँ
- भाषा की सामाजिक प्रकृति को कम महत्व देता है।
4. सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत
(Socio-Cultural Theory)
प्रतिपादक
Lev Vygotsky
मुख्य
विचार
वाइगोत्स्की के अनुसार—
भाषा सामाजिक अंतःक्रिया के माध्यम से
विकसित होती है।
भाषा और विचार का विकास एक-दूसरे से
जुड़ा होता है।
प्रमुख
अवधारणाएँ
- सामाजिक अंतःक्रिया
- निजी वाणी (Private
Speech)
- ZPD (Zone of Proximal Development)
उदाहरण
बच्चा वयस्कों एवं साथियों के साथ
बातचीत करके भाषा सीखता है।
विशेष
तथ्य
CTET में वाइगोत्स्की
से संबंधित प्रश्न अत्यधिक पूछे जाते हैं।
5. ब्रूनर का
अंतःक्रियावादी सिद्धांत (Interactionist Theory)
प्रतिपादक
Jerome Bruner
मुख्य
विचार
ब्रूनर ने माना कि भाषा विकास में
जन्मजात क्षमता और सामाजिक वातावरण दोनों महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने चॉम्स्की के LAD को आगे बढ़ाते हुए—
LASS (Language Acquisition Support
System)
की अवधारणा प्रस्तुत की।
LASS क्या है?
परिवार,
शिक्षक और सामाजिक वातावरण द्वारा दिया गया भाषाई सहयोग।
उदाहरण
माता-पिता द्वारा बच्चों से लगातार
संवाद करना।
महत्व
ब्रूनर ने भाषा विकास में परिवार और
शिक्षक की भूमिका को विशेष महत्व दिया।
6. क्रैशन का भाषा
अर्जन-अधिगम सिद्धांत
प्रतिपादक
Stephen Krashen
मुख्य
विचार
क्रैशन ने भाषा अर्जन और भाषा अधिगम
में स्पष्ट अंतर किया।
Acquisition
- स्वाभाविक
- अवचेतन
- संप्रेषण आधारित
Learning
- औपचारिक
- सचेतन
- नियम आधारित
7. क्रैशन की पाँच
प्रमुख परिकल्पनाएँ
(क) Acquisition-Learning
Hypothesis
अर्जन और अधिगम अलग प्रक्रियाएँ हैं।
(ख) Monitor
Hypothesis
अधिगम किया गया ज्ञान भाषा प्रयोग की
निगरानी करता है।
(ग) Natural
Order Hypothesis
भाषा के नियम एक प्राकृतिक क्रम में
सीखे जाते हैं।
(घ) Input
Hypothesis
बच्चे तब सबसे अच्छा सीखते हैं जब
उन्हें उनकी वर्तमान क्षमता से थोड़ा उच्च स्तर की भाषा प्राप्त होती है।
इसे i + 1 कहा जाता है।
(ङ) Affective
Filter Hypothesis
भय,
तनाव एवं चिंता भाषा सीखने में बाधा बनते हैं।
सकारात्मक वातावरण भाषा सीखने को
बढ़ावा देता है।
📊 सभी सिद्धांतों का तुलनात्मक अध्ययन
|
सिद्धांतकार |
मुख्य विचार |
प्रमुख अवधारणा |
|
स्किनर |
भाषा सीखा हुआ व्यवहार है |
अनुकरण एवं पुनर्बलन |
|
चॉम्स्की |
भाषा क्षमता जन्मजात है |
LAD |
|
पियाजे |
भाषा संज्ञानात्मक विकास का परिणाम
है |
Cognitive Development |
|
वाइगोत्स्की |
भाषा सामाजिक अंतःक्रिया से विकसित
होती है |
ZPD, Private Speech |
|
ब्रूनर |
सामाजिक सहयोग भाषा विकास में सहायक
है |
LASS |
|
क्रैशन |
अर्जन और अधिगम अलग प्रक्रियाएँ हैं |
Acquisition-Learning Theory |
🏫 शिक्षक परिप्रेक्ष्य
आधुनिक भाषा शिक्षक को किसी एक
सिद्धांत पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
एक प्रभावी भाषा कक्षा में—
- स्किनर का अभ्यास एवं पुनर्बलन,
- चॉम्स्की की प्राकृतिक क्षमता,
- पियाजे का संज्ञानात्मक विकास,
- वाइगोत्स्की की सामाजिक अंतःक्रिया,
- ब्रूनर का सहयोगात्मक वातावरण,
- तथा क्रैशन का संप्रेषणात्मक दृष्टिकोण
सभी का संतुलित उपयोग होना चाहिए।
⚠️ सामान्य भ्रांतियाँ
भ्रांति
1
भाषा केवल अनुकरण से सीखी जाती है।
सत्य: अनुकरण महत्वपूर्ण है,
लेकिन जन्मजात एवं सामाजिक कारक भी भूमिका निभाते हैं।
भ्रांति
2
भाषा विकास केवल जैविक प्रक्रिया है।
सत्य: सामाजिक एवं सांस्कृतिक वातावरण भी महत्वपूर्ण है।
भ्रांति
3
व्याकरण सीखना ही भाषा सीखना है।
सत्य: वास्तविक भाषा प्रयोग और संप्रेषण अधिक महत्वपूर्ण हैं।
📝 उदाहरण
उदाहरण
1
बच्चा माता-पिता की नकल करके शब्द
सीखता है।
→ स्किनर
उदाहरण
2
बच्चा ऐसे वाक्य बनाता है जो उसने
पहले कभी नहीं सुने।
→ चॉम्स्की
उदाहरण
3
बच्चा मित्रों से बातचीत करके भाषा
सीखता है।
→ वाइगोत्स्की
उदाहरण
4
शिक्षक सहयोग देकर भाषा विकास में
सहायता करता है।
→ ब्रूनर
उदाहरण
5
भाषा वातावरण में रहकर भाषा सीखना।
→ क्रैशन
🎯 परीक्षा बिंदु (Exam Booster)
- स्किनर →
अनुकरण एवं पुनर्बलन
- चॉम्स्की →
LAD एवं Universal Grammar
- पियाजे →
संज्ञानात्मक विकास
- वाइगोत्स्की →
ZPD एवं Private Speech
- ब्रूनर →
LASS
- क्रैशन →
Acquisition-Learning Theory
- CTET में वाइगोत्स्की, चॉम्स्की और क्रैशन सबसे अधिक पूछे जाते हैं।
💡 याद रखने की ट्रिक
"स्कि-चॉ-पि-वि-ब्रू-क्रै"
स्कि = स्किनर → अनुकरण
चॉ
= चॉम्स्की →
LAD
पि
= पियाजे → संज्ञानात्मक विकास
वि
= वाइगोत्स्की →
सामाजिक अंतःक्रिया
ब्रू = ब्रूनर → LASS
क्रै = क्रैशन → Acquisition-Learning
📑 अध्याय सारांश
- भाषा अर्जन एवं अधिगम को समझाने के लिए विभिन्न सिद्धांत
विकसित किए गए।
- स्किनर ने भाषा को सीखा हुआ व्यवहार माना।
- चॉम्स्की ने जन्मजात भाषिक क्षमता पर बल दिया।
- पियाजे ने भाषा को संज्ञानात्मक विकास का परिणाम माना।
- वाइगोत्स्की ने सामाजिक अंतःक्रिया को महत्वपूर्ण माना।
- ब्रूनर ने LASS
की अवधारणा प्रस्तुत की।
- क्रैशन ने अर्जन एवं अधिगम में अंतर स्पष्ट किया।
- आधुनिक भाषा शिक्षण विभिन्न सिद्धांतों के समन्वय पर
आधारित है।
- भाषा विकास जैविक एवं सामाजिक दोनों कारकों से प्रभावित
होता है।
- भाषा शिक्षण में संप्रेषण को केंद्रीय स्थान दिया जाता
है।
⚡ One-Liner Revision
- स्किनर व्यवहारवादी सिद्धांत के प्रतिपादक थे।
- स्किनर ने पुनर्बलन पर बल दिया।
- चॉम्स्की ने LAD
की अवधारणा दी।
- Universal Grammar का संबंध चॉम्स्की से
है।
- पियाजे ने भाषा को संज्ञानात्मक विकास से जोड़ा।
- वाइगोत्स्की ने सामाजिक अंतःक्रिया को महत्वपूर्ण माना।
- Private Speech की अवधारणा वाइगोत्स्की से
संबंधित है।
- ZPD वाइगोत्स्की की अवधारणा है।
- ब्रूनर ने LASS
की अवधारणा दी।
- क्रैशन ने Acquisition-Learning
Hypothesis दिया।
- Input Hypothesis क्रैशन से संबंधित है।
- Affective Filter Hypothesis क्रैशन ने दी।
- भाषा विकास बहुआयामी प्रक्रिया है।
- आधुनिक भाषा शिक्षण संप्रेषणात्मक दृष्टिकोण पर आधारित
है।
- CTET में वाइगोत्स्की, चॉम्स्की और क्रैशन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
❓ अभ्यास प्रश्न
वस्तुनिष्ठ
प्रश्न (MCQs)
1. LAD की अवधारणा
किसने दी?
(A) स्किनर
(B) चॉम्स्की ✅
(C) पियाजे
(D) वाइगोत्स्की
2. LASS किससे संबंधित
है?
(A) क्रैशन
(B) पियाजे
(C) ब्रूनर ✅
(D) स्किनर
3. ZPD की अवधारणा
किसने दी?
(A) वाइगोत्स्की ✅
(B) पियाजे
(C) चॉम्स्की
(D) ब्रूनर
4. Acquisition-Learning Theory किसने दी?
(A) स्किनर
(B) क्रैशन ✅
(C) ब्रूनर
(D) पियाजे
5. भाषा को सीखा हुआ
व्यवहार किसने माना?
(A) स्किनर ✅
(B) चॉम्स्की
(C) वाइगोत्स्की
(D) क्रैशन
वर्णनात्मक
प्रश्न
- भाषा अर्जन एवं अधिगम के प्रमुख सिद्धांतों का वर्णन
कीजिए।
- स्किनर एवं चॉम्स्की के विचारों की तुलना कीजिए।
- वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत की व्याख्या
कीजिए।
- ब्रूनर के LASS
एवं चॉम्स्की के LAD में अंतर स्पष्ट
कीजिए।
- क्रैशन की प्रमुख परिकल्पनाओं का वर्णन कीजिए।
✨ महत्वपूर्ण संपादकीय सुझाव
अब यूनिट-2 (भाषा अर्जन एवं भाषा अधिगम) लगभग पूर्ण हो चुकी है। परीक्षा की
दृष्टि से इसे और मजबूत बनाने के लिए एक अंतिम अध्याय और जोड़ा जा सकता है:
2.7 भाषा अर्जन,
अधिगम एवं विकास : PYQs, Concept Maps एवं One-Liner
Mega Revision
इससे पूरी यूनिट का त्वरित पुनरावलोकन
एक ही स्थान पर हो जाएगा, जो आपकी डिजिटल नोट्स
+ ऑडियोबुक परियोजना के लिए अत्यंत उपयोगी रहेगा।