अध्याय 2.3 : भाषा अर्जन एवं भाषा अधिगम में अंतर
📖 भूमिका
भाषा सीखने की प्रक्रिया को समझने के
लिए भाषा अर्जन (Language Acquisition) और
भाषा अधिगम (Language Learning) के बीच अंतर को समझना अत्यंत
आवश्यक है। भाषा शिक्षाशास्त्र में ये दोनों अवधारणाएँ केंद्रीय स्थान रखती हैं।
सामान्यतः लोग दोनों को एक ही मान लेते हैं, जबकि वास्तव में
दोनों की प्रकृति, प्रक्रिया, उद्देश्य
और परिणाम अलग-अलग होते हैं।
आधुनिक भाषा शिक्षण में यह माना जाता
है कि भाषा का वास्तविक विकास केवल नियम सीखने से नहीं, बल्कि भाषा के स्वाभाविक प्रयोग से होता है।
इसी कारण CTET, UPTET, KVS, DSSSB, REET, BPSC Teacher तथा
अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में भाषा अर्जन एवं भाषा अधिगम से संबंधित प्रश्न
अत्यधिक पूछे जाते हैं।
🧠 मुख्य अवधारणा
भाषा अर्जन (Language Acquisition)
भाषा सीखने की स्वाभाविक, अवचेतन एवं संप्रेषण
आधारित प्रक्रिया है।
भाषा अधिगम (Language Learning)
भाषा सीखने की सचेतन, औपचारिक एवं नियम आधारित
प्रक्रिया है।
सरल शब्दों में—
"भाषा अर्जन भाषा
को जीकर सीखना है, जबकि भाषा अधिगम भाषा को पढ़कर सीखना
है।"
📚 विस्तृत अध्ययन
1. भाषा अर्जन क्या है?
भाषा अर्जन वह प्रक्रिया है जिसके
माध्यम से बालक अपने परिवेश में रहकर भाषा को स्वाभाविक रूप से सीखता है।
उदाहरण
एक बच्चा घर में रहकर बिना व्याकरण
पढ़े अपनी मातृभाषा बोलना सीख जाता है।
2. भाषा अधिगम क्या है?
भाषा अधिगम वह प्रक्रिया है जिसमें
व्यक्ति औपचारिक शिक्षण, अभ्यास तथा अध्ययन के
माध्यम से भाषा सीखता है।
उदाहरण
विद्यालय में अंग्रेज़ी व्याकरण पढ़ना
भाषा अधिगम है।
3. भाषा अर्जन एवं भाषा
अधिगम में अंतर
|
आधार |
भाषा अर्जन (Acquisition) |
भाषा अधिगम (Learning) |
|
प्रकृति |
स्वाभाविक |
औपचारिक |
|
प्रक्रिया |
अवचेतन |
सचेतन |
|
माध्यम |
सामाजिक अंतःक्रिया |
शिक्षण एवं अध्ययन |
|
उद्देश्य |
संप्रेषण |
भाषा ज्ञान एवं दक्षता |
|
व्याकरण |
अप्रत्यक्ष रूप से सीखा जाता है |
प्रत्यक्ष रूप से सिखाया जाता है |
|
शिक्षक की भूमिका |
सीमित |
महत्वपूर्ण |
|
वातावरण |
प्राकृतिक |
कक्षागत |
|
त्रुटियाँ |
स्वाभाविक एवं स्वीकार्य |
सुधार योग्य |
|
मूल्यांकन |
कठिन |
अपेक्षाकृत सरल |
|
उदाहरण |
मातृभाषा सीखना |
विद्यालय में भाषा पढ़ना |
4. भाषा अर्जन की
प्रमुख विशेषताएँ
(क) स्वाभाविक
बालक बिना औपचारिक शिक्षण के भाषा
सीखता है।
(ख) अवचेतन
भाषा के नियमों को जाने बिना भाषा का
प्रयोग करता है।
(ग) संप्रेषण आधारित
मुख्य उद्देश्य अर्थ समझना और व्यक्त
करना होता है।
(घ) सामाजिक
परिवार एवं समाज की भूमिका महत्वपूर्ण
होती है।
5. भाषा अधिगम की
प्रमुख विशेषताएँ
(क) औपचारिक
विद्यालय एवं संस्थानों में होता है।
(ख) सचेतन
शिक्षार्थी जानबूझकर भाषा सीखता है।
(ग) नियम आधारित
व्याकरण एवं भाषा संरचना का अध्ययन
किया जाता है।
(घ) शिक्षक केंद्रित
मार्गदर्शन
शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
6. स्टीफन क्रैशन का
दृष्टिकोण
Stephen Krashen ने
भाषा अर्जन और भाषा अधिगम के बीच स्पष्ट अंतर प्रस्तुत किया।
उनके अनुसार—
Acquisition (अर्जन)
- स्वाभाविक प्रक्रिया
- अवचेतन प्रक्रिया
- वास्तविक संप्रेषण द्वारा विकसित
Learning (अधिगम)
- औपचारिक प्रक्रिया
- सचेतन प्रक्रिया
- नियमों एवं व्याकरण पर आधारित
7. क्रैशन का Acquisition-Learning
Hypothesis
क्रैशन के अनुसार—
अर्जन भाषा दक्षता का वास्तविक स्रोत
है।
जबकि अधिगम केवल भाषा के प्रयोग की
निगरानी (Monitor) करने में
सहायता करता है।
अर्थात्—
भाषा बोलने की वास्तविक क्षमता अर्जन
से विकसित होती है, जबकि व्याकरणिक
शुद्धता में अधिगम सहायता करता है।
8. कक्षा-कक्ष में भाषा
अर्जन एवं भाषा अधिगम
एक प्रभावी भाषा कक्षा में दोनों का
संतुलन आवश्यक है।
अर्जन
आधारित गतिविधियाँ
- कहानी सुनना
- संवाद
- भूमिका निर्वाह
- समूह चर्चा
- भाषा खेल
अधिगम
आधारित गतिविधियाँ
- व्याकरण अभ्यास
- वाक्य निर्माण
- लेखन कार्य
- नियम आधारित अभ्यास
9. आधुनिक दृष्टिकोण
आधुनिक भाषा शिक्षाशास्त्र में अर्जन
और अधिगम दोनों को महत्वपूर्ण माना जाता है।
भाषा शिक्षण का उद्देश्य ऐसा वातावरण
बनाना है जहाँ—
- भाषा का स्वाभाविक प्रयोग हो।
- संप्रेषण के अवसर मिलें।
- साथ ही भाषा की शुद्धता भी विकसित हो।
10. CTET के संदर्भ में
महत्व
CTET में बार-बार पूछा
जाता है कि—
- बच्चे भाषा कैसे सीखते हैं?
- क्या त्रुटियाँ सीखने का हिस्सा हैं?
- क्या व्याकरण पहले सिखाना चाहिए?
- भाषा अर्जन और भाषा अधिगम में क्या अंतर है?
इन सभी प्रश्नों का आधार यही अध्याय
है।
🏫 शिक्षक परिप्रेक्ष्य
एक प्रभावी भाषा शिक्षक को केवल नियम
नहीं पढ़ाने चाहिए, बल्कि भाषा प्रयोग के
अवसर भी प्रदान करने चाहिए।
शिक्षक को—
- बच्चों को बोलने देना चाहिए।
- संवाद आधारित गतिविधियाँ करवानी चाहिए।
- भाषा त्रुटियों को सीखने की प्रक्रिया का भाग मानना
चाहिए।
- वास्तविक संप्रेषण पर बल देना चाहिए।
याद रखें—
भाषा केवल पढ़ाई नहीं जाती, बल्कि प्रयोग करके सीखी जाती है।
⚠️ सामान्य भ्रांतियाँ
भ्रांति
1
भाषा अर्जन और भाषा अधिगम एक ही
प्रक्रिया हैं।
सत्य: दोनों अलग प्रक्रियाएँ हैं।
भ्रांति
2
व्याकरण सीख लेने से भाषा आ जाती है।
सत्य: भाषा प्रयोग एवं संप्रेषण भी आवश्यक है।
भ्रांति
3
भाषाई त्रुटियाँ असफलता का संकेत हैं।
सत्य: त्रुटियाँ भाषा अर्जन की स्वाभाविक प्रक्रिया का भाग हैं।
📝 उदाहरण
उदाहरण
1
एक बच्चा घर में बिना पढ़े हिंदी
बोलना सीख जाता है।
→ भाषा अर्जन
उदाहरण
2
विद्यार्थी विद्यालय में अंग्रेज़ी
व्याकरण पढ़ता है।
→ भाषा अधिगम
उदाहरण
3
बच्चा पहले बोलना सीखता है, बाद में व्याकरण पढ़ता है।
→ अर्जन पहले, अधिगम बाद
में
🎯 परीक्षा बिंदु (Exam Booster)
- भाषा अर्जन स्वाभाविक एवं अवचेतन प्रक्रिया है।
- भाषा अधिगम औपचारिक एवं सचेतन प्रक्रिया है।
- भाषा अर्जन संप्रेषण केंद्रित होता है।
- भाषा अधिगम नियम केंद्रित होता है।
- क्रैशन ने Acquisition-Learning
Hypothesis दिया।
- अर्जन भाषा दक्षता का मुख्य स्रोत माना जाता है।
- CTET में अर्जन को अधिगम से अधिक महत्व
दिया जाता है।
💡 याद रखने की ट्रिक
"अर्जन =
स्व-अव-सं"
स्व = स्वाभाविक
अव
= अवचेतन
सं
= संप्रेषण
"अधिगम =
सौ-नि-अभ"
सौ
= सचेतन
नि
= नियम आधारित
अभ
= अभ्यास आधारित
📑 अध्याय सारांश
- भाषा अर्जन स्वाभाविक प्रक्रिया है।
- भाषा अधिगम औपचारिक प्रक्रिया है।
- अर्जन अवचेतन होता है।
- अधिगम सचेतन होता है।
- अर्जन संप्रेषण पर आधारित होता है।
- अधिगम नियमों पर आधारित होता है।
- क्रैशन ने अर्जन और अधिगम में अंतर स्पष्ट किया।
- अर्जन भाषा दक्षता का मुख्य स्रोत है।
- अधिगम भाषा की शुद्धता विकसित करता है।
- आधुनिक भाषा शिक्षण दोनों के संतुलन पर बल देता है।
⚡ One-Liner Revision
- भाषा अर्जन स्वाभाविक प्रक्रिया है।
- भाषा अधिगम औपचारिक प्रक्रिया है।
- अर्जन अवचेतन होता है।
- अधिगम सचेतन होता है।
- अर्जन संप्रेषण केंद्रित होता है।
- अधिगम नियम केंद्रित होता है।
- अर्जन में व्याकरण अप्रत्यक्ष रूप से सीखा जाता है।
- अधिगम में व्याकरण प्रत्यक्ष रूप से सिखाया जाता है।
- क्रैशन ने Acquisition-Learning
Hypothesis दिया।
- अर्जन भाषा दक्षता का स्रोत है।
- अधिगम भाषा की निगरानी में सहायता करता है।
- अर्जन सामाजिक अंतःक्रिया पर आधारित है।
- अधिगम शिक्षक-निर्देशित हो सकता है।
- भाषा त्रुटियाँ अर्जन की स्वाभाविक प्रक्रिया हैं।
- आधुनिक भाषा शिक्षण अर्जन एवं अधिगम दोनों पर बल देता है।
❓ अभ्यास प्रश्न
वस्तुनिष्ठ
प्रश्न (MCQs)
1. भाषा अर्जन किस
प्रकार की प्रक्रिया है?
(A) औपचारिक
(B) स्वाभाविक ✅
(C) कृत्रिम
(D) नियम आधारित
2. भाषा अधिगम किस
प्रकार की प्रक्रिया है?
(A) अवचेतन
(B) स्वाभाविक
(C) औपचारिक एवं सचेतन ✅
(D) जन्मजात
3. Acquisition-Learning Hypothesis किसने दिया?
(A) चॉम्स्की
(B) पियाजे
(C) क्रैशन ✅
(D) स्किनर
4. भाषा अर्जन का मुख्य
उद्देश्य क्या है?
(A) व्याकरण
(B) संप्रेषण ✅
(C) परीक्षा
(D) मूल्यांकन
5. निम्न में से कौन-सा
भाषा अधिगम की विशेषता है?
(A) अवचेतन
(B) प्राकृतिक
(C) नियम आधारित ✅
(D) सामाजिक अंतःक्रिया
वर्णनात्मक
प्रश्न
- भाषा अर्जन एवं भाषा अधिगम में अंतर स्पष्ट कीजिए।
- क्रैशन के Acquisition-Learning
Hypothesis की व्याख्या कीजिए।
- भाषा शिक्षण में अर्जन एवं अधिगम की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
- भाषा अर्जन की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
- आधुनिक भाषा शिक्षाशास्त्र में अर्जन को अधिक महत्व क्यों
दिया जाता है?