28 November AbhyudayVani अभ्युदयवाणी 🎙️📢







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आज की अभ्युदय वाणी


सुप्रभात बालमित्रों!

28 नवम्बर – प्रेरणादायक ज्ञान यात्रा

सुप्रभात बालमित्रों!
         आज 28 नवम्बर है, और अभ्युदय वाणी की रेलगाड़ी एक बार फिर से आपको ले चलने के लिए तैयार है, आज के रोमांचक, ज्ञानवर्धक और नैतिक शिक्षा से भरपूर एक अद्भुत यात्रा में, जहाँ हम नए विचारों से प्रेरित होंगे, नई जानकारी हासिल करेंगे, और जीवन के मूल्यों को समझेंगे।

✨ आज का प्रेरणादायक सुविचार

तो, आइए, इस सफर की शुरुआत करते हैं, आज के प्रेरणादायक सुविचार से: "खतरे में हिम्मत रखना आधी लड़ाई जीतने जैसा है।"
"Courage in danger is winning half the battle."

यह कथन हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में साहस ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति होता है। जब हम किसी चुनौती या खतरे का सामना डर की बजाय हिम्मत से करते हैं, तो हम जीत की ओर पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम उठा लेते हैं। हिम्मत हमें आत्मविश्वास देती है, डर को कम करती है और सोचने-समझने की क्षमता को मजबूत बनाती है। कई बार परिस्थिति भले ही हमारे नियंत्रण में न हो, लेकिन अगर हमारा मनोबल मजबूत है, तो हम समाधान खोजने में सक्षम हो जाते हैं। इतिहास गवाह है कि जिस व्यक्ति या राष्ट्र ने कठिनाई के समय साहस नहीं छोड़ा, वह सफलता के शिखर तक पहुँचा है। इसलिए, चाहे परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो, हमें शांत मन से, दृढ़ विश्वास के साथ और हिम्मत को अपना साथी बनाकर आगे बढ़ना चाहिए। यही हिम्मत हमें न केवल कठिनाइयों से बाहर निकालती है बल्कि जीत के द्वार तक भी ले जाती है।

📘 आज का अंग्रेजी शब्द

अभ्युदयवाणी में अब जानते हैं आज का अंग्रेजी शब्द जो है: Generosity : उदारता : उदारता वह गुण है जिसमें कोई व्यक्ति बिना स्वार्थ के, दिल खोलकर दूसरों की मदद करता है, चाहे वह धन, समय, संसाधन या प्रेम के रूप में हो।

वाक्य प्रयोग: His generosity helped many children get a better education. उसकी उदारता ने कई बच्चों की पढ़ाई में मदद की।

🧩 आज की पहेली
आगे बढ़ते हैं इस सफर में, और आनंद लेते हैं आज की पहेली का :  देखने में वह काला है, और जलाने पर लाल, फेंकने पर है वह सफेद, खोलो बच्चों उसका भेद।
उत्तर : कोयला
📜 आज का इतिहास

v  अब अगला स्टेशन है आज का इतिहास: इतिहास हमें अतीत से सीखने और वर्तमान को बेहतर बनाने का मौका देता है। आइए इतिहास के पन्नों में आज 28 नवम्बर की कुछ प्रमुख घटनाओं पर नज़र डालें।

  • 1660: लंदन में दुनिया के सबसे पुराने और प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों में से एक, द रॉयल सोसायटी The Royal Society का गठन ग्रेशम कॉलेज में 12 वैज्ञानिकों की बैठक के बाद हुआ, जो प्राकृतिक ज्ञान की उन्नति के लिए समर्पित था तथा जिसे बाद में किंग चार्ल्स द्वितीय ने रॉयल चार्टर प्रदान किया।
  • 1814: 'द टाइम्स ऑफ़ लंदन' अखबार को पहली बार जर्मन आविष्कारक फ्रेडरिक कोएनिग की स्टीम-पावर्ड सिलेंडर प्रिंटिंग मशीन से छापा गया, जिसने प्रिंटिंग तकनीक में क्रांति ला दी तथा प्रति घंटा 1100 शीट्स छापने की क्षमता प्रदान की।
  • 1821: पनामा ने स्पेन से स्वतंत्रता की घोषणा की तथा ग्रैन कोलंबिया गणराज्य में शामिल हो गया, जो दक्षिण अमेरिका में स्पेनिश उपनिवेशवाद के अंत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
  • 1890: भारत के महान विचारक, समाजसेवी और क्रांतिकारी महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले का निधन 28 नवम्बर को पुणे में हुआ, जिन्होंने जातिगत भेदभाव और छुआछूत को खत्म करने तथा महिलाओं की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए तथा जिनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले भारत की प्रथम महिला शिक्षिका थीं।
  • 1893: न्यूजीलैंड में राष्ट्रीय चुनाव में पहली बार महिलाओं ने मतदान किया, जिससे न्यूजीलैंड दुनिया का पहला स्व-शासित देश बना जिसने महिलाओं को संसदीय चुनावों में वोट देने का अधिकार दिया।
  • 1996: कैप्टन इन्द्राणी सिंह ने इंडियन एयरलाइंस के एयरबस ए-300 विमान को कमांड करते हुए दुनिया की पहली महिला कमांडर बनकर इतिहास रचा, जो एशिया में महिलाओं के लिए विमानन क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुआ।
  • 1997: तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदर कुमार गुजराल ने जैन आयोग की रिपोर्ट पर डीएमके मंत्रियों को बर्खास्त न करने के कारण कांग्रेस के समर्थन वापसी के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे संयुक्त मोर्चा सरकार का पतन हो गया।
🌟 आज के प्रेरक व्यक्तित्व

v  अभ्युदय वाणी की अगली कड़ी प्रेरक व्यक्तित्व में आज हम जानेंगे “जर्मन आविष्कारक फ्रेडरिक कोएनिग” के बारे में।

फ्रेडरिक कोएनिग Friedrich Koenig जर्मनी के प्रसिद्ध आविष्कारक थे, जिन्होंने छपाई की दुनिया में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाली तेज गति वाली मुद्रण मशीन यानी Printing Press का आविष्कार किया। उनका जन्म 17 अप्रैल 1774 को जर्मनी के आइसलेबेन में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने प्रिंटिंग तकनीक में रुचि दिखाई और इस क्षेत्र में प्रयोग करने लगे। पारंपरिक हाथ से चलने वाली छपाई मशीनें धीमी और श्रमसाध्य थीं, जिसे बेहतर बनाने का सपना कोएनिग ने बचपन से ही देखा था।

कोएनिग ने 1810 में इंग्लैंड जाकर अपनी तकनीक पर कार्य शुरू किया और स्टीम पावर से चलने वाली पहली प्रिंटिंग मशीन तैयार की। 1814 में यह मशीन लंदन के The Times समाचार पत्र में पहली बार उपयोग की गई, जिसने एक घंटे में 1100 से अधिक प्रतियाँ छापकर इतिहास रच दिया। यह प्रणाली हाथ की छपाई से कई गुना तेज और सटीक थी। इस आविष्कार ने दुनिया भर में समाचार पत्र और पुस्तक प्रकाशन की प्रक्रिया को आधुनिक रूप दिया।

हालाँकि, आर्थिक और औद्योगिक समस्याओं के कारण कोएनिग को इंग्लैंड छोड़कर जर्मनी लौटना पड़ा। उन्होंने वहाँ अपनी मशीन बनाने की फैक्ट्री स्थापित की और आगे भी तकनीकी सुधार करते रहे। 1833 में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी खोज ने छपाई जगत को नई दिशा दी। फ्रेडरिक कोएनिग को आज भी आधुनिक प्रिंटिंग प्रेस के जनक के रूप में याद किया जाता है। उनका जीवन दर्शाता है कि नवाचार, दृढ़ता और वैज्ञानिक सोच से दुनिया में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं।

👁️ आज का दैनिक विशेष – लाल ग्रह दिवस

अभ्युदय वाणी के दैनिक विशेष में अब हम जानेंगे  को मनाये  28 नवम्बर को मनाये जाने वाले “लाल ग्रह दिवस” के बारे में:

लाल ग्रह दिवस हर साल 28 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन अंतरिक्ष यान मेरिनर 4 के प्रक्षेपण की याद मंम मनाया जाता है। मंगल ग्रह को लाल ग्रह कहा जाता है क्योंकि इसकी सतह और वायुमंडल में मौजूद लोहे का ऑक्सीकरण या जंग लगने की वजह से यह लाल दिखाई देता है। मेरिनर 4 का प्रक्षेपण 28 नवंबर, 1964 को नासा और जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी जेपीएल द्वारा किया गया था। यह मंगल ग्रह पर उतरने वाला पहला अंतरिक्ष यान था। मेरिनर 4 ने लगभग आठ महीने की यात्रा के बाद 14 जुलाई, 1965 को मंगल ग्रह के पास से उड़ान भरी थी। मेरिनर 4 का उद्देश्य ग्रहों की खोज और मंगल ग्रह की वैज्ञानिक जांच को आसान बनाना था। यह अंतरिक्ष यान डेटा इकट्ठा करता था और उसे पृथ्वी पर भेजता था। मंगल ग्रह सूर्य से दूरी के हिसाब से चौथा और सौरमंडल का दूसरा सबसे छोटा ग्रह है। यह ग्रह वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र रहा है, क्योंकि माना जाता है कि यहाँ कभी जीवन की संभावना हो सकती थी, और भविष्य में भी मानव सभ्यता यहाँ बस सकती है। लाल ग्रह दिवस उन प्रयासों की याद दिलाता है जो मानवता ने अंतरिक्ष में नए आयामों की खोज के लिए किए हैं। इस दिन को मनाने से हमें अंतरिक्ष अन्वेषण के महत्व और वैज्ञानिक उपलब्धियों को समझने का अवसर मिलता है।

📖 आज की प्रेरणादायक बाल कहानी – “दृष्टिकोण”

अभ्युदय वाणी के अंतिम पड़ाव पर अब सुनते हैं आज की प्रेरणादायक बाल कहानी,  जिसका शीर्षक है: “दृष्टिकोण”

एक बार की बात है, एक जंगल में एक बहुत ही खूबसूरत मकान बना था। मकान के चारों ओर एक खूबसूरत बगीचा था जिसमें तरह-तरह के फूल और पेड़ थे। इस मकान को एक धर्मात्मा ने बनाया था। वह चाहता था कि इस मकान में आने वाले लोग थकान मिटा सकें और शांति का अनुभव कर सकें। मकान में हर रोज नए-नए लोग आते थे। मकान का दरबान हर आने वाले से एक प्रश्न पूछता था: "आपको यहाँ आकर कैसा लगा? बताइए, मालिक ने इसे किन लोगों के लिए बनाया है?" आने वाले अपनी-अपनी दृष्टि से उसका उद्देश्य बताते रहे। चोरों ने कहा, "एकांत में सुस्ताने, योजना बनाने, हथियार जमा करने और माल का बँटवारा करने के लिए।" व्यभिचारियों ने कहा, "बिना किसी रोक-टोक और खटके के स्वेच्छाचारिता बरतने के लिए।" जुआरियों ने कहा, "जुआ खेलने और लोगों की आँखों से बचे रहने के लिए।" कलाकारों ने कहा, "एकांत का लाभ लेकर एकाग्रता पूर्वक कला का अभ्यास करने के लिए।" संतों ने कहा, "शांत वातावरण में भजन करने और ब्रह्मलीन होने के लिए।" कुछ विद्यार्थी आए, उन्होंने कहा, "शांत वातावरण में विद्या अध्ययन ठीक प्रकार होता है।" हर आने वाला अपने दृष्टिकोण द्वारा अपने कार्यों की जानकारी देता गया। दरबान ने निष्कर्ष निकाला: "जिसका जैसा दृष्टिकोण होता है, वैसा ही उसका व्यक्तित्व होता है।" यह कहानी हमें सिखाती है कि हमारा दृष्टिकोण हमारे व्यक्तित्व को परिभाषित करता है। हर व्यक्ति अपने अनुभव और सोच के अनुसार विभिन्न परिस्थितियों को देखता और समझता है।

🚂 आज की अभ्युदय वाणी का समापन

आज की अभ्युदय वाणी का सफ़र बस यहीं तक था, कल सुबह फिर मिलेंगे एक नई ऊर्जा के साथ रोमांचक, ज्ञानवर्धक और नैतिक शिक्षा से भरपूर एक रोचक सफ़र में। आपका दिन शुभ हो!

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