21 June AbhyudayVani अभ्युदयवाणी 🎙️📢







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आज की अभ्युदय वाणी


सुप्रभात बालमित्रों!

21 जून – प्रेरणादायक ज्ञान यात्रा

सुप्रभात बालमित्रों!
आज 21 जून है, और अभ्युदय वाणी की रेलगाड़ी एक बार फिर से आपको ले चलने के लिए तैयार है, आज के रोमांचक, ज्ञानवर्धक और नैतिक शिक्षा से भरपूर एक अद्भुत यात्रा में, जहाँ हम नए विचारों से प्रेरित होंगे, नई जानकारी हासिल करेंगे, और जीवन के मूल्यों को समझेंगे।

✨ आज का प्रेरणादायक सुविचार

तो, आइए, इस सफर की शुरुआत करते हैं, आज के प्रेरणादायक सुविचार से:
"शांति से कड़ी मेहनत करो, और अपनी सफलता को शोर मचाने दो।
Work hard in silence; let your success be the noise."

यह कथन हमें सिखाता है कि सच्ची सफलता वो नहीं होती जो दिखावे और ढिढोरा पीटने से मिलती है, बल्कि वो होती है जो कठोर परिश्रम और लगन से हासिल होती है। जब हम मौन रहकर मेहनत करते हैं, तो हमारा ध्यान सिर्फ अपने लक्ष्य पर होता है और हम विचलित नहीं होते। यह कथन हमें धैर्य रखने और शांत रहने की भी प्रेरणा देता है।

जब हम सफलता प्राप्त करते हैं, तो यह हमारी मेहनत और क्षमता का प्रमाण होता है, न कि किसी दिखावे का। सफलता रातोंरात नहीं मिलती, इसके लिए निरंतर प्रयास और समय लगता है। हमें हार नहीं माननी चाहिए और विश्वास रखना चाहिए कि हमारी मेहनत रंग लाएगी।

📘 आज का अंग्रेजी शब्द

अभ्युदयवाणी में अब जानते हैं आज का अंग्रेजी शब्द जो है: "PRIORITIZE" : का अर्थ होता है प्राथमिकता देना, महत्व देना, पहले रखना, विशेष ध्यान देना, प्रधानता देना या किसी चीज़ को अन्य चीज़ों से अधिक महत्वपूर्ण मानना। जैसे: "काम को प्राथमिकता देना" "TO PRIORITIZE WORK," या "स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना" "TO PRIORITIZE HEALTH."

वाक्य प्रयोग: He always prioritizes his family over work. वह हमेशा अपने परिवार को काम से अधिक प्राथमिकता देता है।

🧩 आज की पहेली
ऐसा क्या है, जो ना कभी था और ना कभी होगा, लेकिन वह है !!
उत्तर : आने वाला कल।
📜 आज का इतिहास

अब अगला स्टेशन है आज का इतिहास: इतिहास हमें अतीत से सीखने और वर्तमान को बेहतर बनाने का मौका देता है। आइए इतिहास के पन्नों में आज 21 जून की कुछ प्रमुख घटनाओं पर नज़र डालें।

  • 1756: बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला ने कलकत्ता अब कोलकाता पर कब्जा कर लिया और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के फोर्ट विलियम को अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद 'ब्लैक होल ऑफ कलकत्ता' की घटना हुई, जिसमें अंग्रेज कैदियों को एक छोटे, बंद कमरे में रखा गया, जहां हवा और पानी की कमी के कारण कई लोगों की मृत्यु हो गई।
  • 1948: सी. राजगोपालाचारी भारत के अंतिम गवर्नर जनरल बने। वे स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल थे।
  • 1975: वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने लंदन में पहले क्रिकेट विश्वकप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर प्रूडेंशियल कप जीता ।
  • 1982: विश्व संगीत दिवस की शुरुआत फ्रांस में हुई। यह दिवस संगीत की सार्वभौमिक भाषा का जश्न मनाता है, संगीतकारों को सम्मानित करता है और लोगों को एकजुट करता है। वर्तमान में इसे 120 से अधिक देशों में मनाया जाता है।
  • 2009: भारत की बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट इंडोनेशिया ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
  • 2015: पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया गया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में इसकी घोषणा की गई थी। यह दिवस योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों को बढ़ावा देता है।
  • हर साल 21 जून को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होती है जिसे ग्रीष्म संक्रांति यानी Summer Solstice कहते हैं। इस दिन उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है। इस दिन सूर्य कर्क रेखा 23.5º उत्तरी अक्षांश पर सीधे ऊपर होता है, क्योंकि पृथ्वी का उत्तरी ध्रुव सूर्य की ओर अधिकतम झुका होता है। इसके विपरीत, दक्षिणी गोलार्ध में यह सबसे छोटा दिन होता है।
🌟 आज के प्रेरक व्यक्तित्व – सी. राजगोपालाचारी

अभ्युदय वाणी की अगली कड़ी प्रेरक व्यक्तित्व में आज हम जानेंगे प्रमुख भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ "सी. राजगोपालाचारी" के बारे में।

चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, जिन्हें प्यार से 'राजाजी' कहा जाता है, का जन्म 10 दिसंबर 1878 को तमिलनाडु के थोरापल्ली में हुआ था। वे एक प्रमुख भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ, वकील, लेखक और दार्शनिक थे। राजाजी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महत्वपूर्ण नेता थे और महात्मा गांधी के करीबी सहयोगी रहे, जिन्होंने स्वदेशी और असहयोग आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। 1937 से 1939 तक वे मद्रास प्रेसीडेंसी के मुख्यमंत्री रहे और स्वतंत्रता के बाद, 21 जून 1948 को वे भारत के अंतिम गवर्नर जनरल बने, जो इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले और एकमात्र भारतीय थे। 1952 से 1954 तक वे मद्रास राज्य के मुख्यमंत्री भी रहे। राजाजी ने 1959 में स्वतंत्र पार्टी की स्थापना की, जो स्वतंत्र अर्थव्यवस्था और सीमित सरकारी हस्तक्षेप की वकालत करती थी। वे अपनी सादगी, बुद्धिमत्ता और साहित्यिक योगदान के लिए भी जाने जाते हैं, जिनमें रामायण और महाभारत की सरल तमिल और अंग्रेजी व्याख्याएं शामिल हैं। 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 25 दिसंबर 1972 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी विरासत भारतीय राजनीति और समाज में आज भी प्रेरणा देती है।

🎉 आज का दैनिक विशेष – अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

अभ्युदय वाणी के दैनिक विशेष में अब हम जानेंगे को मनाये 21 जून को मनाये जाने वाले "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" के बारे में:

21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया जाता है। यह एक ऐसा अवसर है जब हम योग के प्राचीन ज्ञान और अभ्यास का जश्न मनाते हैं, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। योग एक प्राचीन भारतीय दर्शन और जीवन पद्धति है जो 5,000 वर्षों से भी अधिक समय से अस्तित्व में है। यह शारीरिक आसन, श्वास व्यायाम, ध्यान, और अन्य आध्यात्मिक अभ्यासों का एक समूह है जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने में मदद करते हैं।

यह पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थी, जिन्होंने 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित करने का प्रस्ताव रखा था। 11 दिसंबर 2014 को, 177 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया।

दुनिया भर में योग दिवस विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों के साथ मनाया जाता है। इनमें योग शिविर, कार्यशालाएं, सार्वजनिक प्रदर्शन, और योग प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

लोगों को योग अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने और उनके जीवन में योग के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है।

योग को अपने जीवन में शामिल करके, हम न केवल अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं, बल्कि अधिक शांतिपूर्ण और संतुलित जीवन जी सकते हैं।

📖 आज की प्रेरणादायक बाल कहानी – जल्दबाजी का फल

अभ्युदय वाणी के अंतिम पड़ाव पर अब सुनते हैं आज की प्रेरणादायक बाल कहानी, जिसका शीर्षक है: "जल्दबाजी का फल"

किशन एक होशियार और तेज़ दिमाग वाला लड़का था, लेकिन उसमें एक बड़ी कमजोरी थी — जल्दबाजी। वह हर काम में इतनी जल्दी करता कि अक्सर गड़बड़ हो जाती। उसकी माँ अकसर समझातीं, "बेटा, हर काम सोच-समझकर और शांत मन से करना चाहिए। जल्दबाजी में किया गया काम अक्सर पछतावे का कारण बनता है।" लेकिन किशन उनकी बातों को हल्के में लेता और अनसुना कर देता।

एक दिन की बात है। उस दिन स्कूल में ड्राइंग प्रतियोगिता थी और किशन बहुत उत्साहित था। सुबह जल्दी-जल्दी तैयार होने लगा। तभी माँ ने कहा, "पहले जूते अच्छी तरह से साफ करो, फिर पहनना।" लेकिन उत्साह में भरा किशन यह बात टाल गया और जल्दी-जल्दी जूते पहनने लगा।

जैसे ही उसने दूसरा जूता पहना, उसे अचानक तेज़ चुभन महसूस हुई। वह दर्द से चिल्ला उठा और फौरन जूता उतारकर देखा — उसमें कई बड़ी लाल चींटियाँ थीं। चींटियों ने उसका पैर काट लिया था और कुछ ही देर में उसका पैर सूज गया और वो रोने लगा। वो ना तो स्कूल जा सका और ना ही प्रतियोगिता में भाग ले पाया। सारा दिन उसने बर्फ की पट्टी लगाई और चुपचाप बिस्तर पर लेटा रहा।

जब उसका पैर ठीक हुआ और वह दोबारा स्कूल जाने लगा, तो रास्ते भर वह सोचता रहा, "काश मैंने माँ की बात मानी होती! अगर जूते पहले देख लिए होते तो ये सब नहीं होता।" उस दिन से किशन ने जल्दबाजी छोड़ने और हर काम सोच-समझकर करने की ठानी।

अब वह पहले जूते ध्यान से साफ करता, फिर पहनता — और हर काम में धैर्य रखता।

यह कहानी हमें सिखाती है कि "जल्दबाजी में किया गया काम अक्सर पछतावा छोड़ जाता है। सोच-समझकर और धैर्य से किया गया कार्य ही सफलता की कुंजी है।"

🚂 आज की अभ्युदय वाणी का समापन

आज की अभ्युदय वाणी का सफ़र बस यहीं तक था, कल सुबह फिर मिलेंगे एक नई ऊर्जा के साथ रोमांचक, ज्ञानवर्धक और नैतिक शिक्षा से भरपूर एक रोचक सफ़र में। आपका दिन शुभ हो!

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