19 June AbhyudayVani अभ्युदयवाणी 🎙️📢








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आज की अभ्युदय वाणी


सुप्रभात बालमित्रों!

19 जून – प्रेरणादायक ज्ञान यात्रा

सुप्रभात बालमित्रों!
आज 19 जून है, और अभ्युदय वाणी की रेलगाड़ी एक बार फिर से आपको ले चलने के लिए तैयार है, आज के रोमांचक, ज्ञानवर्धक और नैतिक शिक्षा से भरपूर एक अद्भुत यात्रा में, जहाँ हम नए विचारों से प्रेरित होंगे, नई जानकारी हासिल करेंगे, और जीवन के मूल्यों को समझेंगे।

✨ आज का प्रेरणादायक सुविचार

तो, आइए, इस सफर की शुरुआत करते हैं, आज के प्रेरणादायक सुविचार से:
"समय आपकी सबसे कीमती संपत्ति है।
Time is the most valuable asset you have."

दोस्तों समय एक ऐसा संसाधन है जो न तो खरीदा जा सकता है और न ही बेचा जा सकता है। एक बार जब यह खर्च हो जाता है, तो यह हमेशा के लिए चला जाता है। यही कारण है कि इसका बुद्धिमानी से उपयोग करना इतना महत्वपूर्ण है।

समय का मूल्य समझने का सबसे बेहतर तरीका यह है कि हम समय को अवसरों के संदर्भ में सोचें। हर पल हमारे पास कुछ न कुछ करने का अवसर होता है - सीखने का, बढ़ने का, अनुभव करने का, दूसरों से जुड़ने का। जो समय की कद्र करता है, समय उसे सफलता देता है।

📘 आज का अंग्रेजी शब्द

अभ्युदयवाणी में अब जानते हैं आज का अंग्रेजी शब्द जो है:
GRUMBLE: ग्रम्बल: बड़बड़ाना।

GRUMBLE शब्द धीमी, बुदबुदाती आवाज में, अक्सर झुंझलाहट या असंतोष के साथ शिकायत करने के लिए प्रयोग होता है।

वाक्य प्रयोग: He always grumbles about the food, no matter how well it's cooked.
वह हमेशा खाने की शिकायत करता है, चाहे वह कितना भी अच्छा बना हो।

🧩 आज की पहेली
हरे हरे से है दिखे, पक्के हो या कच्चे,
भीतर से यह लाल मलाई, जैसे ठंडे मीठे लच्छे।

उत्तर - तरबूज
📜 आज का इतिहास

अब अगला स्टेशन है आज का इतिहास: इतिहास हमें अतीत से सीखने और वर्तमान को बेहतर बनाने का मौका देता है। आइए इतिहास के पन्नों में आज 19 जून की कुछ प्रमुख घटनाओं पर नज़र डालें।

  • 1862 – अमेरिकी कांग्रेस ने सभी वर्तमान और भविष्य के अमेरिकी क्षेत्रों में दासता को प्रतिबंधित किया। यह कदम गुलामी समाप्त करने की दिशा में ऐतिहासिक था।
  • 1865 – जनरल गॉर्डन ग्रेंजर ने टेक्सास के गैल्वेस्टन में दासों की स्वतंत्रता की घोषणा की। यह दिन अमेरिका में दासता के अंत का प्रतीक बना।
  • 1871 – हिंदी साहित्य के पथप्रदर्शक, चिंतक और स्वतंत्रता सेनानी माधवराव सप्रे का जन्म हुआ। उनकी कहानी "एक टोकरी भर मिट्टी" को हिंदी की पहली कहानी माना जाता है।
  • 1910 – वाशिंगटन के स्पोकेन में सोनोरा स्मार्ट डोड द्वारा पिता के सम्मान में पहला फादर्स डे मनाया गया।
  • 1945 – म्यांमार की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और लोकतंत्र की समर्थक आंग सान सू की का जन्म हुआ।
  • 1947 – प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी का जन्म मुंबई में हुआ। उनकी कृति "Midnight's Children" ने 1981 में बुकर पुरस्कार जीता।
  • 1964 – अमेरिकी सीनेट ने नस्ल, धर्म, लिंग या जातीयता के आधार पर भेदभाव को अवैध घोषित करते हुए Civil Rights Act पारित किया।
  • 1981 – भारत ने देश का पहला संचार उपग्रह 'APPLE' को यूरोपीय रॉकेट एरियन से लॉन्च किया।
🌟 आज के प्रेरक व्यक्तित्व – माधवराव सप्रे

अभ्युदय वाणी की अगली कड़ी प्रेरक व्यक्तित्व में आज हम जानेंगे "माधवराव सप्रे" के बारे में।

माधवराव सप्रे हिंदी के प्रथम कहानीकार, पत्रकार, समालोचक और चिंतक माने जाते हैं। उनकी कहानी "एक टोकरी भर मिट्टी" को हिंदी की पहली कहानी होने का गौरव प्राप्त है। वे केवल साहित्यकार ही नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के सक्रिय कार्यकर्ता भी थे।

1902 में उन्होंने काशी नागरी प्रचारिणी सभा के विज्ञान शब्दकोश परियोजना को मूर्त रूप दिया और हिंदी में अर्थशास्त्रीय शब्दावली का निर्माण कर भाषा को समृद्ध किया। उन्हें हिंदी में अर्थशास्त्र के चिंतन का प्रारंभकर्ता भी माना जाता है।

1920 में उन्होंने जबलपुर में हिंदी मंदिर की स्थापना की, जो क्षेत्रीय साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना। माधवराव सप्रे का हिंदी साहित्य, हिंदी भाषा के विकास और राष्ट्र निर्माण में अद्वितीय योगदान रहा है।

🎉 आज का दैनिक विशेष – विश्व सिकल सेल दिवस

अभ्युदय वाणी के दैनिक विशेष में अब हम जानेंगे 19 जून को मनाये जाने वाले "विश्व सिकल सेल दिवस" के बारे में:

विश्व सिकल सेल दिवस हर साल 19 जून को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2008 में इसे मान्यता दी, ताकि सिकल सेल रोग, एक आनुवंशिक रक्त विकार, के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। यह दिन 19 जून, 2009 को पहली बार मनाया गया।

सिकल सेल रोग में लाल रक्त कोशिकाएं असामान्य, हंसिया जैसी आकृति ले लेती हैं, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है, दर्द, संक्रमण और अंग क्षति होती है। यह मुख्य रूप से अफ्रीका, भारत, मध्य पूर्व और कैरिबियन क्षेत्रों में प्रचलित है।

यह दिवस सरकारों, स्वास्थ्य संगठनों और समुदायों को प्रेरित करता है कि वे स्क्रीनिंग, शीघ्र निदान, उचित चिकित्सा और अनुसंधान को बढ़ावा दें। यह रोगियों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने और इस वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती से निपटने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

📖 आज की प्रेरणादायक बाल कहानी – घोड़ा और गधा

एक धोबी के पास एक घोड़ा और एक गधा था। एक दिन, धोबी को बाजार में कपड़े पहुंचाने थे। उसने भारी पोटली गधे की पीठ पर लाद दी और घोड़े को खाली छोड़ दिया।

रास्ते में भारी बोझ से गधा थक गया और धीरे चलने लगा। उसने घोड़े से विनती की, "भाई घोड़े, यह बोझ बहुत भारी है। तुम भी थोड़ा-थोड़ा बोझ अपने ऊपर ले लो।" लेकिन घोड़ा घमंड में बोला, "मैं घोड़ा हूँ, मेरा काम बोझा ढोना नहीं है।"

गधा मजबूर होकर बोझ ढोता रहा, लेकिन थकान और भूख से वह गिर पड़ा और उठ नहीं सका। धोबी ने यह देखकर अपनी गलती महसूस की। फिर उसने सारा बोझ घोड़े की पीठ पर लाद दिया।

घोड़ा अब पछतावा करने लगा और सोचने लगा, "अगर मैंने पहले ही गधे की बात मान ली होती और बोझ बाँट लिया होता, तो मुझे यह भारी बोझ अकेले नहीं उठाना पड़ता।"

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि सहयोग और मिलजुल कर काम करने से कठिन से कठिन काम भी आसान हो जाता है। घमंड और स्वार्थ से बचना चाहिए और दूसरों की मदद करने को हमेशा तैयार रहना चाहिए।

🚂 आज की अभ्युदय वाणी का समापन

आज की अभ्युदय वाणी का सफ़र बस यहीं तक था, कल सुबह फिर मिलेंगे एक नई ऊर्जा के साथ रोमांचक, ज्ञानवर्धक और नैतिक शिक्षा से भरपूर एक रोचक सफ़र में।
आपका दिन शुभ हो!

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